पर इसके द्वारा बच्चों को बीजों के अंकुरण की प्रक्रिया , बीजों के प्रकार , बीजों के भाग , और बीजों के अंकुरण के लिए जरूरी परिस्थितियाँ के बारे में अच्छे से समझ आ गया...
चूँकि बच्चों यह खुद करना चाहते थे.....इसलिए वे बहुत उत्साही और जिग्यासु थे...
अपने कार्य को बहुत मेहनत से कर भी रहे थे .....
हर दिन उनका उत्साह बढता जाता जब बीजों में वे कुछ परिवर्तन देखते...
उनकी खुशी भी बहुत सुखद महसूस होती थी...😊😊
बच्चों भी अब अपने कार्य से संतुष्ट👍 और खुश है😊
.... और इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझ चुके है.....
और बीज भी पौधे बन चुके है...🌱🌱🌱🌱




